Eternal Zomato-Blinkit मुनाफ़ा 4 गुना, मार्जिन चूक|506 बनाम 340 लक्ष्य का फासला

· NIFTY

मुनाफ़ा चार गुना, फिर भी शेयर झूलता रहा

Zomato और Blinkit की मालिक कंपनी Eternal का जून तिमाही शुद्ध लाभ पिछले साल के मुक़ाबले लगभग चार गुना बढ़कर 92 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। राजस्व भी करीब-करीब तीन गुना बढ़कर 20 हज़ार 648 करोड़ रुपये रहा। लेकिन नतीजों के अगले दिन गुरुवार को शेयर पूरे सत्र लाभ और नुकसान के बीच झूलता रहा।

वजह मार्जिन के आंकड़े में छिपी थी। ईबीआईटीडीए 594 करोड़ रुपये रहा, जबकि बाज़ार का अनुमान 670 करोड़ रुपये था। मार्जिन 2.9 प्रतिशत पर आया, जबकि अपेक्षा 3.4 प्रतिशत की थी। यानी लेखा-मुनाफ़े की हेडलाइन शानदार, पर मार्जिन का असली आंकड़ा कमज़ोर।

तो सवाल यह बनता है कि निवेशक किस संख्या को असली संकेत मानें, चार गुना बढ़ा शुद्ध लाभ या अनुमान से चूका मार्जिन। इसका जवाब कंपनी के सबसे बड़े कारोबार, Blinkit के भीतर छिपा है।

Blinkit घाटे से मुनाफ़े में, पर मार्जिन अभी भी पतला

क्विक कॉमर्स कारोबार Blinkit का नेट ऑर्डर वैल्यू सालाना आधार पर 86 प्रतिशत बढ़कर 17 हज़ार 132 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो बाज़ार के अनुमान 16 हज़ार 796 करोड़ रुपये से भी ऊपर था। इसका असर सीधे मुनाफ़े पर दिखा।

एक साल पहले इसी तिमाही में Blinkit का समायोजित ईबीआईटीडीए 162 करोड़ रुपये के घाटे में था। इस बार वह पलटकर 102 करोड़ रुपये के मुनाफ़े में आ गया, यह लगातार पांचवीं तिमाही है जब यह मार्जिन सुधरा है। कंपनी ने 200 नए डार्क स्टोर जोड़े, कुल नेटवर्क अब 2,443 स्टोर तक पहुंच गया।

फिर भी यह मार्जिन-सुधार अभी बहुत पतला है, NOV का महज़ 0.6 प्रतिशत। यही वह छिपी हुई शर्त है जिसे प्रबंधन और ब्रोकरेज दोनों मान कर चल रहे हैं, कि यह सुधार आगे भी उसी रफ़्तार से चलता रहेगा। प्रबंधन ने खुद लंबी अवधि का मार्जिन लक्ष्य पांच से छह प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत NOV कर दिया है।

यानी अगर स्टोर-दर-स्टोर मार्जिन सुधार अगली तिमाहियों में भी इसी ढलान पर चलता रहा, तो आज की मार्जिन-चूक महज़ शुरुआती निवेश-चरण का असर साबित होगी। लेकिन अगर प्रतिस्पर्धा फिर तेज़ हुई और मार्जिन-सुधार की रफ़्तार टूटी, तो यही आंकड़े जाल में बदल जाएंगे।

पांच ब्रोकरेज, पांच अलग लक्ष्य, एक ही कसौटी

नतीजों के बाद पांच बड़े ब्रोकरेज हाउसों ने अपनी राय दी, पर लक्ष्य कीमतों में बड़ा फासला है। CLSA ने 506 रुपये का लक्ष्य रखा, यानी करीब 75 प्रतिशत उछाल की गुंजाइश। HSBC सबसे सतर्क रहा, 340 रुपये का लक्ष्य, यानी केवल 17 प्रतिशत की गुंजाइश। JPMorgan ने 390 रुपये, Jefferies ने 415 रुपये और Nomura ने 350 रुपये का लक्ष्य रखा।

इसके बावजूद ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, Eternal को कवर करने वाले 34 विश्लेषकों में से 31 की रेटिंग खरीद की है। यानी दिशा पर लगभग सर्वसम्मति है, पर कीमत के लक्ष्य पर मतभेद बड़ा है, यही वह असल अनिश्चितता है जिससे शेयर गुरुवार को दिशाहीन झूलता रहा।

मौजूदा होल्डर के लिए फैसले का बिंदु आज के मुनाफ़े के आंकड़े में नहीं, बल्कि अगली तिमाही के Blinkit समायोजित ईबीआईटीडीए मार्जिन में है, क्या यह 0.6 प्रतिशत से आगे उसी रफ़्तार से बढ़ता है। नए प्रवेशक के लिए भी यही चर निर्णायक है। मार्जिन-सुधार जारी रहा तो CLSA जैसी बुलिश राय को आधार मिलेगा, रफ़्तार टूटी तो HSBC जैसी सतर्क राय सही साबित होगी। अगली तिमाही का Blinkit मार्जिन प्रिंट ही वह चर है जिस पर नज़र रखनी है।

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