Exide Industries|मुनाफा 28% ऊपर, मार्जिन नीचे

· NIFTY

मुनाफा 28% बढ़ा, फिर भी मार्जिन क्यों घटा

Exide Industries का शेयर गुरुवार को नतीजों के बाद 4% से ज़्यादा उछलकर 454 रुपये पर पहुंच गया, और साल की अब तक की बढ़त 25% हो गई। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 28% बढ़कर 351.3 करोड़ रुपये हो गया, जबकि राजस्व 17.8% बढ़कर 5,528.4 करोड़ रुपये पर पहुंचा।

लेकिन इसी नतीजे में एक विरोधाभास छिपा है। राजस्व और मुनाफा दोनों दोहरे अंकों में बढ़े, फिर भी EBITDA मार्जिन साल-दर-साल 11.5% से घटकर 11.2% रह गया। यानी कंपनी ज़्यादा बेच रही है, कमा भी ज़्यादा रही है, पर हर रुपये की बिक्री पर उसका ऑपरेटिंग मुनाफा पतला होता जा रहा है।

कंपनी ने खुद बताया कि सीसा और दूसरी कच्ची सामग्री की कीमतें पश्चिम एशिया के लंबे संघर्ष और डॉलर के मुकाबले कमज़ोर होते रुपये की वजह से बढ़ी हैं। MD अविक रॉय के मुताबिक कंपनी ने चुनिंदा कीमत बढ़ोतरी और लागत-दक्षता के उपायों से मुनाफे को थामा, पर मार्जिन पूरी तरह नहीं बच पाया। यह पहला संकेत है कि आगे की तिमाहियों में भी यह दबाव बना रह सकता है।

तीसरी तिमाही से लगातार OEM ग्रोथ, क्या यह टिकाऊ है

नतीजों की एक और परत सामने आती है ऑटोमोटिव OEM कारोबार में। यह लगातार तीसरी तिमाही है जब Exide का ऑटो OEM सेगमेंट सालाना आधार पर 25% से ज़्यादा बढ़ा है, और दोपहिया-चारपहिया रिप्लेसमेंट कारोबार में भी लगातार तीसरी तिमाही दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज हुई है।

यह अकेला एक तिमाही का उछाल नहीं है। कंपनी के मुताबिक GST 2.0 सुधार के लगातार फायदे से वाहन खरीदना सस्ता हुआ है, जिससे रिप्लेसमेंट बाज़ार में मांग मज़बूत बनी हुई है। तीन तिमाहियों तक लगातार यही रफ़्तार यह बताती है कि यह मांग किसी अस्थायी बिक्री-प्रोत्साहन का नतीजा नहीं, बल्कि एक ढांचागत बदलाव है।

कंपनी ने साफ कहा कि उसके सभी प्रमुख कारोबार दोहरे अंकों में बढ़े हैं। इससे शुरुआती सवाल का जवाब थोड़ा साफ होता है, मार्जिन भले दबाव में हो, पर मांग की चौड़ाई कमज़ोर नहीं है। सवाल अब यह बनता है कि यह मौजूदा बैटरी कारोबार की मज़बूती कंपनी की अगली बड़ी बाज़ी को सहारा दे पाएगी या नहीं।

बेंगलुरु गीगाफैक्ट्री, अगली तिमाहियों की असली परीक्षा

Exide की सहायक कंपनी Exide Energy Solutions के ज़रिए लिथियम-आयन सेल बनाने की परियोजना में अब तक कुल 4,902 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, जिसमें जुलाई में डाले गए 100 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक बेंगलुरु गीगाफैक्ट्री की चारों प्रोडक्शन लाइनें अब पूरी तरह लग चुकी हैं और यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर भी चालू हो चुका है।

इसी तिमाही में NMC सिलिंड्रिकल सेल लाइन से पहले ग्राहक सैंपल भेजे गए, और LFP प्रिज्मैटिक लाइन ने भी सैंपल सप्लाई शुरू कर दी है। पर यह अब भी सैंपल स्टेज है, राजस्व योगदान अभी शुरू नहीं हुआ। MD अविक रॉय ने साफ कहा कि गीगाफैक्ट्री से राजस्व योगदान वित्त वर्ष 27 में शुरू होने की उम्मीद है, यानी यह अभी भी भविष्य का वादा है, आज की कमाई नहीं।

यहीं पर शुरुआती सवाल का जवाब पूरी तरह बनता है। आज के नतीजे बताते हैं कि Exide का पुराना लेड-एसिड बैटरी कारोबार मज़बूत है और मार्जिन दबाव के बावजूद बढ़ रहा है, पर 4,902 करोड़ रुपये की गीगाफैक्ट्री परियोजना अभी कमाई शुरू नहीं कर रही। अगली दो-तीन तिमाहियों में यह देखना ज़रूरी होगा कि गीगाफैक्ट्री सच में राजस्व देना शुरू करती है या नहीं, यही तय करेगा कि आज की 52-हफ्ते की ऊंचाई एक नई शुरुआत है या सिर्फ एक अच्छी तिमाही का जश्न।

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