Ola Electric QIP 780Cr|Goldman Sachs का दांव vs 1,833Cr घाटा

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Ola Electric में Goldman Sachs क्यों आया — और Citi ने क्यों छोड़ा?

5 जून 2026 को Ola Electric ने एक बड़ी खबर दी। कंपनी ने QIP के ज़रिए ₹780 करोड़ जुटाए। यह शुरुआती लक्ष्य ₹500 करोड़ से 56 प्रतिशत ज़्यादा है। इस QIP में Goldman Sachs ने हिस्सा लिया। BNP Climate Fund, Mirae Asset MF, Motilal Oswal MF भी आए। Kotak MF और JM Financial MF भी इस राउंड में थे। यानी घरेलू और विदेशी — दोनों तरह के बड़े संस्थागत निवेशकों ने पैसा लगाया। लेकिन यहीं सबसे बड़ा विरोधाभास है। Citi ब्रोकरेज ने हाल ही में इस स्टॉक को डाउनग्रेड किया था। उन्होंने कहा था — वॉल्यूम ग्रोथ की चुनौतियां बनी हैं, बैलेंस शीट पर दबाव है। FY26 में कुल रेवेन्यू ₹2,253 करोड़ रहा — FY25 के ₹4,514 करोड़ से ठीक आधा। Q4 FY26 में रेवेन्यू साल-दर-साल 56.6 प्रतिशत गिरा। और FY26 का नेट लॉस ₹1,833 करोड़ रहा। तो Citi देख रही थी रेवेन्यू कोलैप्स — और Goldman Sachs ने उसी में पैसा लगाया। यह सिर्फ दो राय नहीं हैं — यह दो अलग-अलग assumptions हैं। Citi मान रही है कि FY26 की बिक्री गिरावट structural है — यानी स्थायी। Goldman Sachs मान रहा है कि यह cyclical है — यानी अस्थायी, जो पलट सकती है। जो assumption सही निकली, वह इस शेयर की दिशा तय करेगी।

तीन महीने की सेल्स रिकवरी — नंबर क्या कहते हैं?

Goldman Sachs का दांव सिर्फ आस्था पर नहीं है। पिछले तीन महीनों के नंबर एक ट्रेंड दिखाते हैं। मार्च 2026 में Ola के रजिस्ट्रेशन करीब 10,000 यूनिट थे। अप्रैल में यह 12,166 हो गए — 20 प्रतिशत की उछाल। और यह तब हुआ जब पूरी E2W इंडस्ट्री अप्रैल में 22 प्रतिशत गिरी थी। मई में 15,139 यूनिट्स दर्ज हुए — अप्रैल से 23 प्रतिशत ज़्यादा। मई में पूरी इंडस्ट्री 15 प्रतिशत बढ़ी — Ola उससे आगे रही। Q1 FY27 में अब तक 22,600 से ज़्यादा यूनिट्स रजिस्टर हो चुके हैं। पूरे Q4 FY26 में सिर्फ 22,221 यूनिट्स थे — और Q1 अभी खत्म नहीं हुआ। यानी एक तिमाही में जो हुआ वह दूसरी तिमाही में अधूरे समय में पार हो गया। कंपनी का Q1 FY27 गाइडेंस है — 40,000 से 45,000 ऑर्डर। और रेवेन्यू ₹500 से ₹550 करोड़ — Q4 का लगभग दोगुना। Roadster पोर्टफोलियो और पेट्रोल की महंगाई इस ग्रोथ के दो बड़े ड्राइवर हैं। यहीं वह डेटा है जिस पर Goldman Sachs का दांव टिका है। लेकिन यह भी ध्यान रखें — गाइडेंस और नतीजे में फर्क हो सकता है।

EBITDA ब्रेकईवन — 20,000 यूनिट्स का टारगेट और असल दूरी

Ola Electric ने एक संख्या दी है जो बहुत महत्वपूर्ण है। कंपनी ने कहा — 20,000 से 25,000 मंथली यूनिट्स पर Adjusted EBITDA Breakeven होगा। मई में 15,139 यूनिट्स थे — यानी अभी 5,000 से 10,000 यूनिट्स की दूरी है। Q1 गाइडेंस से अगर मंथली रन-रेट निकालें तो करीब 13,000 से 15,000 बनती है। ब्रेकईवन के लिए यह काफी नहीं है। FY27 के भीतर कंपनी का वादा है — ऑटो बिज़नेस EBITDA और फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव होगा। यह ambitious है लेकिन measurable भी है। इस थीसिस की तीन ज़रूरी शर्तें हैं। पहली — वॉल्यूम को 20,000 प्रति माह तक ले जाना। दूसरी — Gigafactory में ₹2,000 करोड़ के निवेश से कॉस्ट कम करना। तीसरी — Ather, TVS, Bajaj Chetak से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्केट शेयर बनाए रखना। QIP से जुटाए ₹780 करोड़ इन्हीं तीन ज़रूरतों के लिए हैं। लेकिन शेयर अभी भी IPO प्राइस ₹76 से 53 प्रतिशत नीचे है। और मार्च 2026 के प्रमोटर स्टेक सेल को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। दिसंबर 2025 में Bhavish Aggarwal ने 6.8 करोड़ शेयर ₹260 करोड़ का लोन चुकाने के लिए बेचे थे। अगला बड़ा टेस्ट Q1 FY27 के नतीजे होंगे। अगर वॉल्यूम 40,000 ऑर्डर के करीब रहे — Goldman Sachs का दांव सही साबित होगा। अगर रिकवरी रुकी — तो ₹780 करोड़ सिर्फ एक और दिलासा बनकर रह जाएगा।

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