ONGC 7% as Sensex Lost 10 Lakh Crore|Why Did Oil Stocks Rally in a Crash?
बाज़ार में आग, तेल कंपनियों में जश्न
12 मई को Sensex 1,456 अंक गिरा। निवेशकों का ₹10.11 लाख करोड़ एक ही सत्र में साफ हो गया। Nifty 50 चार सत्रों में 3 प्रतिशत से अधिक लुढ़क चुका था, और Realty Index ने 4.11 प्रतिशत की सबसे तेज़ गिरावट दर्ज की। जब हर तरफ बिकवाली थी, तब Brent crude 107 डॉलर प्रति बैरल पर था — और यही वो आग थी जो पूरे बाज़ार को जला रही थी।
Hormuz जलडमरूमध्य में व्यापार ठप था। Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को सिरे से नकार दिया, और खबर आते ही कच्चे तेल की कीमतें फिर उछल गईं। रुपया 95.58 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया — एक ही दिन में 0.9 प्रतिशत की गिरावट। तेल महँगा होता है तो आयात बिल बढ़ता है, चालू खाता घाटा बढ़ता है, मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ता है — और बाज़ार इसी दबाव में दब रहा था।
Oil Marketing Companies यानी HPCL और BPCL के शेयर टूट रहे थे। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने खुद माना कि ये कंपनियाँ हर दिन ₹1,000 करोड़ का नुकसान उठा रही हैं, और एक खराब तिमाही पूरे FY26 का मुनाफा मिटा सकती है। Jewellery शेयर दूसरे दिन भी गिरे क्योंकि PM Modi की सोना-बचत अपील अभी भी बाज़ार के दिमाग में ताज़ा थी। Nifty IT 4 प्रतिशत टूटा — Infosys और TCS 52-हफ्ते के निचले स्तर पर आ गए। बाज़ार की हर धड़कन बता रही थी कि महँगा तेल तबाही लाया है।
लेकिन इसी सत्र में ONGC 6.5 प्रतिशत चढ़ा। Oil India 9 प्रतिशत उछला।
वो एक सरकारी फैसला जो तेल कंपनियों को संकट से बाहर ले गया
जब OMCs डूब रही थीं, ONGC और Oil India क्यों तैर रहे थे — इसका जवाब एक नीतिगत निर्णय में है जो उसी दिन आया।
केंद्र सरकार ने onshore crude oil पर royalty दर घटा दी। CLSA के विश्लेषकों ने तुरंत गणना की — इस एकल कदम से ONGC के सालाना ऑपरेशनल खर्च में अरबों रुपयों की कमी आएगी। पिछले दो वर्षों में windfall tax का डर upstream कंपनियों के valuations पर भारी पड़ रहा था। Royalty cut ने उस डर को एक झटके में खत्म कर दिया। CLSA ने ONGC में 44 प्रतिशत तक की और तेजी का अनुमान लगाया।
यही वो क्षण है जहाँ capital ने दिशा बदली। Crude महँगा हो तो upstream producers — जो ज़मीन से तेल निकालते हैं — को प्रति बैरल ज़्यादा revenue मिलता है। OMCs को उल्टा नुकसान होता है क्योंकि वे retail price नहीं बढ़ा सकतीं। Royalty cut ने ONGC की cost structure को और हल्का कर दिया — यानी $107 का crude एक ही दिन में उनके लिए दोहरा वरदान बन गया।
इस तर्क में एक दरार है। Royalty cut सिर्फ onshore fields पर लागू हुई — ONGC का बड़ा हिस्सा offshore है। और $107 का crude तब तक मुनाफेमंद है जब तक सरकार windfall tax वापस नहीं लाती। 2022 में जब Brent $120 के पार गया था, तब सरकार ने windfall tax लगाया था और ONGC का शेयर उसी रफ्तार से गिरा था। उस मिसाल को बाज़ार भूला नहीं है — या शायद भूल रहा है।
अगला कदम: क्या ONGC की बढ़त टिकेगी या सरकार फिर हस्तक्षेप करेगी?
यही सवाल अब capital को रोके हुए है।
2022 का precedent साफ है। जब Brent $120 पर था, सरकार ने upstream producers पर windfall tax लगाया था। ONGC उस वक्त ऊपर गया फिर तेज़ी से नीचे आया। आज का $107 उस threshold के करीब है। Royalty cut ने upstream को राहत दी है, लेकिन उसी सरकार को OMCs को हो रहे ₹1,000 करोड़ प्रतिदिन के नुकसान का भी हल निकालना है। अगर petrol-diesel की कीमतें बढ़ाई जाती हैं तो OMCs को राहत मिलती है — लेकिन मुद्रास्फीति और बढ़ती है, RBI पर दबाव बढ़ता है। अगर कीमतें नहीं बढ़तीं, तो सरकार ONGC से कहीं न कहीं cross-subsidy निकाल सकती है — और windfall tax उसका सबसे आसान औज़ार है।
CLSA ने 44 प्रतिशत upside दिखाया है — वो scenario तब बनता है जब Brent $107-$110 रहे और windfall tax न लौटे। Brent अगर $120 को पार करता है और Hormuz बंद रहता है, तो windfall tax की वापसी की संभावना बढ़ती है। Oil India का 9 प्रतिशत उछाल और ONGC का 6.5 प्रतिशत — ये संख्याएं बाज़ार की उम्मीद नहीं, बाज़ार की शर्त हैं।
जो निवेशक अभी ONGC में दाखिल हुए हैं, वे दो चीज़ों पर दाँव लगा रहे हैं: कि सरकार windfall tax नहीं लाएगी, और कि Brent $110 से नीचे रहेगा। इनमें से किसी एक की भी चूक हुई तो आज की 7 प्रतिशत बढ़त एक trap बन सकती है। अगले सप्ताह Vodafone Idea के Q4 नतीजे और OMC की quarterly losses की संख्या आएगी — उस दिन सरकार की प्राथमिकता और स्पष्ट होगी। Brent का $110 का स्तर और सरकार का windfall tax पर मौन — यही वो दो benchmark हैं जो बताएंगे कि ONGC की यह तेजी नई दिशा है या पुराना जाल।
- [Business Standard] Sensex, Nifty slide for fourth day amid oil shock, weak rupee and IT s…
- [Dalal Street Investment Journal] Closing Bell: Sensex Crashes 1,456 Points, Nifty 50 Falls 1.83%; Rs 10…
- [Business Standard] Quick Wrap: Nifty Realty Index registers a drop of 4.11%, NIFTY Crashe…
- [Business Standard] Sensex settles 1,456 pts lower; Nifty ends below 23,400 level amid glo…
- [Mint] Sensex crashes 1,500 pts, Nifty ends below 23,400; investors lose ₹11L…
- [Zee Business] Closing Bell: Stock market in panic mode after PM Modi's appeal; Sense…
- [Rediff MoneyWiz] Stock Markets Tank Amid Oil Prices, Iran Tensions - Rediff MoneyWiz
- [Business Upturn] Stock market closing: Nifty 50 at 23,379.55 down 1.83%, Sensex at 74,5…
- [CNBC TV18] Royalty cuts will improve returns for oil explorers, says ICRA - CNBC…
- [NDTV Profit] Oil India Shares Jump 7% After Government Cuts Crude Oil Royalty Rates…
- [The Economic Times] India will need to see how long fuel retailers can bear losses, oil mi…
- [The Times of India] Losing Rs 1,000 crore a day: Petrol minister Puri highlights mounting…