RBI FCNR-B Swap फिर लॉन्च|Bank Nifty 55,300 पर 32B FPI निकासी पलटेगी?

· NIFTY

आज का बाज़ार: दो रफ़्तार, एक ही दिन

आज Sensex 394 अंक चढ़कर 73,918 पर बंद हुआ और Nifty 50 ने 23,242 का स्तर छुआ। लेकिन यह तेज़ी एक जैसी नहीं थी — बाज़ार के दो हिस्से बिल्कुल अलग दिशाओं में गए।

Bank Nifty 2 प्रतिशत से ज़्यादा उछलकर 55,300 के पार पहुँचा। PSU बैंकों में 5 से 6 प्रतिशत की छलांग लगी। यह कोई सामान्य सेक्टर रोटेशन नहीं था — इसके पीछे एक खास खबर थी।

RBI ने आज ताज़ा FCNR-B डिपॉज़िट पर USD-रुपया forex swap की घोषणा की। 3 से 5 साल की मैच्योरिटी वाले इन NRI डिपॉज़िट पर RBI ने गारंटीड swap rate देने का ऑफर किया। रुपया 33 पैसे मज़बूत होकर 95.35 पर बंद हुआ, जबकि कल यह 95.71 था।

दूसरी तरफ IT शेयर दिनभर दबाव में रहे। TCS, Infosys, Wipro — सभी लाल रंग में। US अदालत ने आज Trump प्रशासन का वह $100,000 H-1B फीस नियम रद्द कर दिया जो भारतीय IT कंपनियों के लिए बड़ा बोझ था। Judge Leo Sorokin ने Massachusetts में इसे unauthorized tax करार दिया। राहत की खबर आई, फिर भी IT सेक्टर ऊपर नहीं गया — और वहीं से आज का असली सवाल शुरू होता है।

RBI का 2013 वाला दांव: इस बार हालात कितने अलग हैं?

FCNR-B swap कोई नया टूल नहीं है। 2013 में तत्कालीन RBI Governor Raghuram Rajan ने यही दांव खेला था जब रुपया 68 के पार जा चुका था और करंट अकाउंट डेफिसिट रिकॉर्ड ऊंचाई पर था। उस दौरान FCNR-B scheme से करीब $34 बिलियन की NRI डिपॉज़िट आई थी और रुपया स्थिर हुआ था।

आज 2026 में RBI उसी playbook को दोहरा रही है। तर्क यह है: FPI ने इस साल अब तक $32 बिलियन — करीब ₹3 लाख करोड़ — भारतीय equity और debt बाज़ार से निकाले हैं। यह रिकॉर्ड outflow है। रुपया 95 के स्तर पर टिका हुआ है। डॉलर सप्लाई बढ़ाने का सबसे तेज़ रास्ता NRI डिपॉज़िट है जो सीधे बैंकों के ज़रिए आती है।

PSU बैंक इसीलिए उछले। वे FCNR-B डिपॉज़िट mobilize करने के primary channel हैं — SBI, Bank of Baroda, Canara Bank सबसे ज़्यादा NRI business handle करते हैं। जब RBI ने swap rate guarantee दी, तो बाज़ार ने तुरंत PSU बैंकों को आने वाली fee income और balance sheet expansion के लिए price करना शुरू किया। PSU बैंकों ने पहले move किया; private banks और IT में यह रीप्राइसिंग अभी नहीं आई।

लेकिन यहीं वह अनकही मान्यता है जो इस पूरी रैली के नीचे बैठी है। बाज़ार का यह दांव एक premise पर टिका है: कि NRI समुदाय आज की 5.25 प्रतिशत repo rate और swap guarantee पर अपना पैसा वापस भेजेगा। 2013 में यह काम किया था — लेकिन उस वक्त US Fed rates शून्य के करीब थीं और dollar deposit पर return नगण्य था। आज US rates ऊंची हैं। NRI के सामने dollar रखना या rupee में convert करना — यह calculation 2013 जैसी नहीं है।

$40-50 बिलियन की उम्मीद: रुपया 95 पर टिकेगा या नहीं?

RBI को $40 से $50 बिलियन की inflow की उम्मीद है — यह अनुमान आज के articles में explicitly आया है। यह अगर पूरा हुआ तो $32 बिलियन के outflow को पलट देता है और रुपये पर से दबाव हटता है।

लेकिन 2013 की तुलना एक दूसरे बिंदु पर ज़्यादा revealing है। उस समय RBI ने scheme बंद की तो maturity पर dollar repayment का दबाव बना था — और market को उस hedge का खर्च उठाना पड़ा था। यानी inflow तात्कालिक राहत थी, structural fix नहीं। क्या इस बार भी वही pattern दोहराएगा?

आज की सबसे sharp बात यह है: IT सेक्टर में H-1B राहत आने के बावजूद capital नहीं आई, और banking सेक्टर में कोई earnings trigger नहीं था फिर भी 6 प्रतिशत की चाल आई। यह बताता है कि जो capital आज बाज़ार में आई वह theme-specific थी — RBI policy के direct लाभार्थी institutions को ही मिली। Foreign portfolio investors अभी बाहर हैं — उनका net flow negative रहा।

अगर अगले कुछ हफ्तों में FCNR-B deposits की प्रारंभिक संख्या $5-7 बिलियन के आसपास आती है — जो 2013 की pace को replicate करे — तो रुपया 94 के करीब आ सकता है और PSU banks की यह रैली continuation दिख सकती है। लेकिन अगर NRI response कमज़ोर रहा — जो US high rates की वजह से possible है — तो आज की 5-6 प्रतिशत की चाल partially reverse हो सकती है।

Repo rate 5.25 प्रतिशत पर hold है। FPI की outflow की chain टूटने का कोई confirmed signal अभी नहीं है। Bank Nifty 55,300 पर बंद हुआ — यह level अगले session में hold होता है या नहीं, यह पहला verification point है। असली test वह NRI deposit number होगा जो RBI अगले कुछ हफ्तों में report करेगा — वह number बताएगा कि PSU banks की आज की pricing premature थी या precision।

Link copied