SBI Profit Record 80,032 Crore|Why Did the Stock Crash 7%?
आज का बाज़ार: ईरान की छाया और SBI का झटका
भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने पूरे वित्त वर्ष 2026 में ₹80,032 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया — SBI के इतिहास में यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। और उसी दिन, SBI का शेयर 6.62% गिरकर ₹1,019 पर बंद हुआ — Sensex के 30 शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट।
शुक्रवार का पूरा सत्र दो अलग-अलग दबावों के बीच फंसा रहा। अमेरिका और ईरान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ताज़ा सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आईं, जिसने कच्चे तेल की कीमत को $100 प्रति बैरल के पार धकेल दिया। Brent crude तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया। इसी भू-राजनीतिक तनाव के चलते BSE Sensex 516 अंक गिरकर 77,328 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 भी 150 अंक फिसलकर 24,176 पर आ गया।
बैंकिंग शेयरों पर सबसे ज़्यादा मार पड़ी। HDFC Bank 1.84% नीचे आया, Axis Bank 1.60% टूटा, और Nifty Bank इंडेक्स 440 अंक लुढ़का। Air India के बोर्ड ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनज़र लागत कटौती की समीक्षा शुरू कर दी। रुपया डॉलर के मुकाबले 33 पैसे कमज़ोर होकर ₹94.58 पर खुला। IndiGo और Air India दोनों नए हवाई अड्डों के प्रस्तावित टैरिफ बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि जेट फ्यूल महंगा होने से घरेलू मांग पहले से कमज़ोर है।
लेकिन इन सबके बीच Titan Company ने बाज़ार की धारा के विपरीत तैरते हुए 4.76% की छलांग लगाई। Titan का Q4 राजस्व 80.5% उछलकर ₹26,920 करोड़ पहुंचा, और शुद्ध लाभ 35.4% बढ़कर ₹1,179 करोड़ हो गया। Swiggy ने भी Q4 में नुकसान को ₹1,081 करोड़ से घटाकर ₹800 करोड़ पर ला दिया, जबकि राजस्व 45% बढ़ा। यहीं पर वह सवाल उठता है जो पूरे सत्र पर हावी रहा — SBI के रिकॉर्ड नतीजे, और फिर भी 7% की गिरावट। क्यों?
रिकॉर्ड मुनाफ़े के बावजूद गिरावट — असली वजह क्या थी?
यह समझने के लिए SBI के नतीजों को ज़रा करीब से देखना होगा। Q4 में शुद्ध लाभ 6% बढ़कर ₹19,684 करोड़ रहा — अनुमान से कमज़ोर। Net Interest Income यानी NII सिर्फ 4% बढ़कर ₹44,380 करोड़ रहा, जो कि बाज़ार की उम्मीद से नीचे था। Net Interest Margin — वह अनुपात जो बताता है बैंक कितनी कुशलता से उधार देता है — दबाव में रहा। ब्याज दर चक्र में बदलाव के कारण कर्ज़ की यील्ड तो घटी, लेकिन फंडिंग की लागत उतनी तेज़ी से नहीं घटी।
इसके अलावा एक और संकेत बाज़ार को असहज कर गया। SBI के बोर्ड ने $2 बिलियन तक की पूंजी जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही। जब कोई बड़ा बैंक नई पूंजी जुटाने की योजना बनाता है, तो इसका एक मतलब यह भी निकाला जाता है कि मौजूदा शेयरधारकों का हिस्सा पतला होगा — और बाज़ार ने यही पढ़ा। ₹17.35 प्रति शेयर का लाभांश घोषित हुआ, रिकॉर्ड तारीख 16 मई है — लेकिन इस सकारात्मक खबर को डाइल्यूशन की आशंका ने दबा दिया।
यहां एक शर्त है जो इस पूरी तस्वीर को पलट सकती है। अगर RBI अगली मौद्रिक नीति में दरें घटाता है और SBI का NIM दोबारा चढ़ने लगता है, तो ₹2 बिलियन की पूंजी जुटाना विस्तार का संकेत बन जाएगा, न कि कमज़ोरी का। इतिहास में 2014-15 का वह दौर याद करें जब PSU बैंकों ने एक साथ बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाई थी — उसके बाद के दो वर्षों में SBI का शेयर 40% से अधिक चढ़ा था। लेकिन उस समय NIM पहले ही सुधर रहा था। अभी वह शर्त पूरी नहीं हुई है।
Titan की बात करें तो वहां तस्वीर एकदम उलटी है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं — MCX पर सोना ₹1.53 लाख के करीब। महंगा सोना ज्वेलरी की मांग घटाता है, यह सामान्य धारणा है। लेकिन Titan की घरेलू ज्वेलरी बिक्री 46% बढ़ी। इसकी वजह यह है कि ऊंची सोने की कीमत में भारतीय उपभोक्ता ज्वेलरी को निवेश के तौर पर भी देखता है — और Titan ने इस मनोविज्ञान को भुनाया। SBI और Titan, दोनों एक ही बाज़ार में थे, लेकिन निवेशकों ने दोनों को बिल्कुल अलग नज़र से देखा।
आगे क्या — SBI में खरीदारी का मौका या जाल?
अब वह सवाल जो अगले हफ्ते सबसे ज़रूरी होगा — क्या SBI का 7% का एकदिनी झटका अवसर है, या संकेत?
दो परिदृश्य सामने हैं। पहला: ईरान तनाव घटता है, कच्चा तेल $90 के नीचे आता है, और RBI दरें घटाने का रास्ता खोलता है। ऐसे माहौल में SBI का NIM सुधरेगा, ₹2 बिलियन की पूंजी जुटाना विस्तार की योजना के रूप में पढ़ी जाएगी, और ₹1,019 का स्तर बॉटम साबित हो सकता है। 16 मई की रिकॉर्ड तारीख से पहले ₹17.35 का लाभांश भी खरीदारों को आकर्षित करेगा।
दूसरा: अगर Brent crude $105 के पार जाता है, रुपया ₹95 से नीचे फिसलता है, और मई में RBI नरमी का संकेत नहीं देता — तो NIM पर दबाव बढ़ेगा, पूंजी जुटाने की खबर शेयरधारकों को और डराएगी, और बाज़ार SBI को PSU बैंकों में सबसे कमज़ोर कड़ी मान सकता है।
Motilal Oswal ने SBI को Nifty-50 के अपने शीर्ष चुनावों में रखा है, जबकि Nomura ने कहा था कि NIM प्रदर्शन PSU बैंकों में सबसे मज़बूत रहेगा — यह अनुमान Q4 के नतीजों से मेल नहीं खाया। ₹80,032 करोड़ का रिकॉर्ड लाभ इतिहास में दर्ज हो गया, लेकिन बाज़ार हमेशा पिछले आंकड़े नहीं, अगले तिमाही का मार्जिन देखता है।
कल का सबसे महत्वपूर्ण संकेत यह होगा: Brent crude $100 के ऊपर टिकता है या नहीं। अगर तेल ऊंचा रहा, तो SBI पर दबाव बना रहेगा। अगर भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ और तेल नरम पड़ा, तो ₹80,032 करोड़ वाला रिकॉर्ड बैंक एक झटके में नहीं बिका — यह खुद बाज़ार को साबित करना होगा।