बजाज फाइनेंस|रिकॉर्ड हाई पर भी ब्रोकरेज बंटे, 23% अपसाइड बनाम बिकवाली की सलाह

· NIFTY

रिकॉर्ड हाई और ₹46,445 करोड़ की दौलत

बजाज फाइनेंस के शेयर शुक्रवार को करीब सात प्रतिशत उछलकर ₹1,128.80 के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गए। इसी के साथ कंपनी का मार्केट कैप पहलू बार ₹7 लाख करोड़ के पार निकल गया, और निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब ₹46,445 करोड़ का इज़ाफा हुआ।

यह रैली अचानक नहीं आई। जून तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 27.4 प्रतिशत बढ़कर 5,986 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के अनुमानों से बेहतर था। एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम की वृद्धि पिछली तिमाही के 22 प्रतिशत से तेज़ होकर 24 प्रतिशत पर पहुंच गई।

सवाल सिर्फ यह नहीं कि नतीजे अच्छे आए। असली बात यह है कि इस तिमाही ने बाजार की उस आम धारणा को चुनौती दी है कि बजाज फाइनेंस की वृद्धि सामान्य दौर में प्रवेश कर चुकी है। नतीजों ने संकेत दिया कि कंपनी शायद एक नए, तेज़ ग्रोथ चक्र में दाखिल हो रही है।

एसेट क्वालिटी और घटती क्रेडिट लागत

नतीजों में सबसे ध्यान खींचने वाला पहलू एसेट क्वालिटी रही। ग्रॉस एनपीए पिछले साल के 1.03 प्रतिशत से घटकर 0.96 प्रतिशत पर आ गया, जबकि नेट एनपीए 0.50 से घटकर 0.39 प्रतिशत रह गया। कोर क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 1.31 प्रतिशत पर आ गई, जो कंपनी की खुद बताई गई 1.45 से 1.60 प्रतिशत की सीमा से भी नीचे है।

इसके बावजूद ब्रोकरेज हाउस पूरी तरह एकमत नहीं हैं। मोतीलाल ओसवाल, सिटी, सीएलएसए, एचएसबीसी, जेपी मॉर्गन और जेफरीज़ ने रेटिंग खरीद की तरफ बढ़ाते हुए लक्ष्य मूल्य ₹1,270 से ₹1,300 के बीच रखा है, जो मौजूदा भाव से करीब 23 प्रतिशत ऊपर है। सीएलएसए ने तो कंपनी को तिमाही के प्रदर्शन के लिए 'आयरन मैन' तक कह दिया।

वहीं दूसरी तरफ नुवामा ने होल्ड रेटिंग बरकरार रखी है, यह कहते हुए कि वैल्यूएशन अब भी महंगा है और आगे की तेज़ी सीमित हो सकती है। एमके ग्लोबल ने रिड्यूस रेटिंग बनाए रखी, जबकि यूबीएस ने सेल और बर्नस्टीन ने अंडरपरफॉर्म रेटिंग जारी रखी है। यानी वही आंकड़े देखकर अलग-अलग ब्रोकरेज विपरीत नतीजों पर पहुंचे हैं।

मैनेजमेंट का इंतज़ार और आगे का रास्ता

सबसे दिलचस्प संकेत खुद कंपनी के प्रबंधन से आया। मुनाफे में मजबूत उछाल और भरोसे भरे बयान के बावजूद मैनेजमेंट ने किसी भी गाइडेंस संशोधन का फैसला दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद तक के लिए टाल दिया है। यह टलाव बताता है कि कंपनी खुद इस तेज़ी को अभी पूरी तरह स्थायी मानने से बच रही है।

साथ ही वार्षिक आम बैठक में प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹6.3 से 6.5 लाख करोड़ रुपये के समेकित लोन बुक का लक्ष्य दोहराया, जबकि जून 2026 के अंत में यह आंकड़ा ₹5.46 लाख करोड़ था। कंपनी एआई आधारित पहल से तिमाही में ही ₹3,068 करोड़ के लोन बांट चुकी है।

तो नतीजा यह है कि बजाज फाइनेंस के रिकॉर्ड हाई और मजबूत आंकड़ों के पीछे एक अनसुलझा सवाल टिका है। एसेट क्वालिटी और ग्रोथ में सुधार सचमुच का है, लेकिन ब्रोकरेज की राय में साफ बंटवारा और प्रबंधन की खुद की सतर्कता दिखाती है कि मौजूदा वैल्यूएशन इस सुधार को पहले ही पूरी तरह भुना चुका है या नहीं, यह अभी तय नहीं। अगली दूसरी तिमाही की गाइडेंस ही यह साफ करेगी कि यह ग्रोथ चक्र नया मोड़ है या सिर्फ एक अच्छी तिमाही।

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